ठिकाना - उनियारा किल्ला (टोंक)
उनियारा.तहसील क्षेत्र के ककोड ग्राम मेंं जर्जर किला
देखरेख के अभाव में खंडहर होता ककोड़ किला
ककोड में ऐतिहासिक किला जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलो में से एक होने के बावजूद खंडहर होता जा रहा है। अरावली पर्वत श्रृंखला की 200 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह किला बेजोड़ स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्घ है। वर्तमान में इस प्राचीन किले के अंदर 60 कमरे जीर्ण शीर्ण हालात में मौजूद हैं। किले के अंदर ही दो प्राचीन कुंड भी है तथा तारा हाडी नामक दो बावड़ियां भी है तारा बावड़ी में 9 ढाणे हैं , जिससे इसे 9 ढाणों की बावड़ी भी कहते हैं। किले के अंदर एक गणेश मंदिर भी है , जो प्राचीन समय में ही यहां के शासकों के आराध्य देव के रूप में पूजनीय थे। मंदिर किले के जीर्ण शीर्ण होने के बाद भी गणेश प्रतिमा सुरक्षित थी, मगर कुछ वर्ष पूर्व असामाजिक तत्वों ने इस प्रतिमा केा खंडित कर दिया , जिसके बाद उनियारा के पूर्व दरबार राव राजा राजेन्द्र सिंह ने पुन: गणेश प्रतिमा की स्थापना की हालांकि अधिकतर सुरंगें मिट्टी से भर गई हैं। कहा जाता है कि उस जमाने में इन सुरंगों का उपयोग शत्रु के आक्रमण से बचने गुप्त रहस्य जानने के लिए किया जाता था।
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